पेट का गैस या हार्ट अटैक?

पिछले एक महीने में कई ऐसे मरीज आए जिन्हें सीने में तेज जलन और खटास महसूस हो रही थी। उन्हें पूरा भरोसा था कि यह सिर्फ गैस या एसिडिटी की समस्या है क्योंकि उन्होंने रात में थोड़ा भारी खाना खाया था। लेकिन जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और हमने सावधानी के तौर पर उनकी ईसीजी (ECG) जांच की, तो नतीजे चौंकाने वाले थे। उन्हें एक गंभीर ‘हार्ट अटैक’ (मायोकार्डियल इंफार्क्शन) पड़ा था। यह स्थिति बहुत डरावनी होती है क्योंकि मरीज को लगता है कि समस्या पेट की है, जबकि खतरा दिल पर मंडरा रहा होता है।
खासकर सर्दियों के मौसम में ऐसी घटनाएं बहुत बढ़ जाती हैं। ठंड की वजह से हमारे शरीर की नसें थोड़ी सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। अक्सर लोग सीने के भारीपन या जलन को मामूली समझकर घरेलू नुस्खे आजमाने लगते हैं या पुदीन हरा और ईनो पीकर बैठ जाते हैं। यही देरी जानलेवा साबित होती है।
हमें यह समझने की जरूरत है कि हर सीने की जलन एसिडिटी नहीं होती। अगर जलन के साथ आपको घबराहट हो रही है, पसीना आ रहा है या यह दर्द आपके हाथों और गर्दन की तरफ बढ़ रहा है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। सर्दियों में बुजुर्गों को और भी ज्यादा सावधान रहना चाहिए। याद रखें, एक छोटी सी ईसीजी जांच समय रहते आपकी जान बचा सकती है। अपनी सेहत को लेकर “अंदाजा” न लगाएं, डॉक्टर की सलाह लें।
🩺 5 जरूरी स्वास्थ्य सुझाव (Health Tips) 🩺

  1. 🧑‍⚕️ नजरअंदाज न करें: 40 साल की उम्र के बाद, सीने में होने वाली किसी भी तरह की नई जलन या बेचैनी को हल्के में न लें। तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
  2. 💓 ECG है जरूरी: अगर आपको संदेह हो, तो एक साधारण ईसीजी जांच कराने में संकोच न करें। यह एक सस्ती और त्वरित जांच है जो जीवन रक्षक हो सकती है।
  3. ❄️ सर्दियों में सावधानी: बुजुर्ग और दिल के मरीज कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह बाहर निकलने से बचें। खुद को अच्छे से गर्म कपड़ों से ढककर रखें।
  4. 🥗 खान-पान का ध्यान: सर्दियों में ज्यादा तला-भुना या भारी खाना खाने से बचें। यह न केवल एसिडिटी बढ़ाता है, बल्कि दिल पर भी अतिरिक्त दबाव डालता है।
  5. 🚑 तुरंत मदद लें: अगर आपको हार्ट अटैक के लक्षण महसूस हों, तो खुद गाड़ी चलाने की कोशिश न करें। तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं या किसी की मदद लें।

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