डायबिटीज (मधुमेह) रोगियों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. इसका मुख्य कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना है.
लेकिन खुशखबरी यह है कि कुछ टीकाकरण डायबिटीज वालों को गंभीर संक्रमणों से बचाने में मदद कर सकते हैं.
पटना के जाने-माने फिजिशियन और डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. प्रत्यूष कुमार इस वीडियो में आपको डायबिटीज प्रबंधन के एक महत्वपूर्ण पहलू के बारे में बता रहे हैं – टीकाकरण!
इस वीडियो में, हम खासकर डायबिटीज के लिए महत्वपूर्ण टीकों पर चर्चा करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
- इन्फ्लूएंजा (फ्लू) का टीका: हर साल फ्लू का मौसम आता है और डायबिटीज वालों के लिए फ्लू की जटिलताएं गंभीर हो सकती हैं. इन्फ्लूएंजा का टीका सालाना लेने की सलाह दी जाती है.
- न्यूमोकोकल निमोनिया का टीका: न्यूमोकोकस बैक्टीरिया से होने वाला निमोनिया डायबिटीज रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है. इस टीके की एक खुराक आमतौर पर वयस्कों के लिए पर्याप्त होती है.
- हेपेटाइटिस बी का टीका: हेपेटाइटिस बी लीवर का गंभीर संक्रमण है. डायबिटीज वालों में हेपेटाइटिस बी का जोखिम अधिक होता है. हेपेटाइटिस बी का टीका तीन खुराक में दिया जाता है.
- DTap का टीका: यह टीका टिटेनस, डिप्थीरिया और पर्टussis (काली खांसी) से बचाता है. डायबिटीज रोगियों में गंभीर घाव संक्रमण का खतरा होता है, इसलिए टिटेनस से बचाव महत्वपूर्ण है. वयस्कों को भी समय-समय पर DTap का टीका लगवाने की सलाह दी जा सकती है.
- जोस्टर (दाद) का टीका: जोस्टर वायरस चिकनपॉक्स का वही वायरस है. यह वायरस शरीर में रह सकता है और बाद में जीवन में जोस्टर का कारण बन सकता है. जोस्टर का दर्द काफी तेज होता है. डायबिटीज वालों में जोस्टर के गंभीर होने का खतरा ज्यादा होता है. इसलिए जोस्टर के टीकाकरण पर विचार किया जा सकता है.
यह वीडियो आपको जानकारी देने के लिए है. यह चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है. आपको किन टीकों की जरूरत है, यह जानने के लिए अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें.
पटना में रहते हैं? डायबिटीज प्रबंधन या टीकाकरण के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप डॉ. प्रत्यूष कुमार से संपर्क कर सकते हैं.

Leave a comment