पटना की तेज गर्मी में, प्रसिद्ध कंसल्टिंग फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. प्रत्यूष कुमार आपको स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए गर्मी से जुड़ी बीमारियों, खासकर लू (हीटस्ट्रोक) और हीट एग्जॉशन से बचाव के बारे में बता रहे हैं.
समस्याओं को समझें: हीट एग्जॉशन बनाम लू (हीटस्ट्रोक)
गर्मी के कारण होने वाली दोनों समस्याएं गंभीर हैं, लेकिन इनमें थोड़ा अंतर है:
- हीट एग्जॉशन: यह तब होता है जब आपका शरीर बहुत अधिक गर्म हो जाता है और तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स (शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स) खो देता है. यह अत्यधिक पसीना आने या बहुत देर तक धूप में रहने के कारण हो सकता है.
- लू (हीटस्ट्रोक): यह हीट एग्जॉशन से भी ज्यादा गंभीर स्थिति है. इसमें शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ जाता है और पसीना आना कम या बंद हो जाता है. अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है.
हीट एग्जॉशन के लक्षण:
हीट एग्जॉशन के लक्षणों को पहचानना जरूरी है ताकि आप जल्दी स्थिति को संभाल सकें. इनमें शामिल हैं:
- भारी पसीना आना: यह शरीर को ठंडा करने का प्राकृतिक तरीका है, लेकिन हीट एग्जॉशन में पसीना बहुत ज्यादा आता है.
- मांसपेशियों में ऐंठन: पैरों, हाथों या पेट में अचानक तेज दर्द होना.
- थकान और कमज़ोरी: आप अचानक बहुत थक जाना महसूस कर सकते हैं, साथ ही चक्कर आना या असंतुलित महसूस हो सकता है.
- जी मिचलाना या उल्टी होना: शरीर गर्म होने के कारण आपको मिचली आ सकती है या उल्टी भी हो सकती है.
- सिरदर्द: तेज धूप में रहने या डिहाइड्रेशन के कारण सिरदर्द होना आम है.
लू (हीटस्ट्रोक) के लक्षण:
लू के लक्षण ज्यादा गंभीर होते हैं और तुरंत डॉक्टरी सहायता लेना बहुत ज़रूरी है. इनमें शामिल हैं:
- शरीर का तापमान 104°F (40°C) या उससे अधिक: शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ जाता है. घर पर थर्मामीटर न होने पर भी अगर शरीर बहुत गर्म लगे और पसीना ना आ रहा हो तो यह लू का संकेत हो सकता है.
- उलझन और बेहोशी: व्यक्ति असंयमित या भ्रमित हो सकता है, या होश भी खो सकता है.
- दौरे पड़ना: कुछ मामलों में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में दिमाग असमर्थ हो जाता है, जिससे दौरे पड़ सकते हैं.
- त्वचा का सूखी, गर्म और लाल होना: पसीना ना आने के कारण त्वचा सूखी, गर्म और लाल हो सकती है.
- तेज़ और कमज़ोर सांस लेना: शरीर जल्दी से ऑक्सीजन लेने की कोशिश करता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.
- तेज धड़कन: दिल शरीर को ठंडा करने के लिए तेजी से काम करता है.
हीट एग्जॉशन का इलाज आसान होता है, लेकिन लू के लिए तुरंत डॉक्टरी मदद ज़रूरी है.
- हीट एग्जॉशन:
- ठंडी जगह पर ले जाएं और आराम करें.
- ढीले और सूती कपड़े पहनें.
- ठंडा तरल पदार्थ पिएं, जैसे पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त पेय पदार्थ.
- शरीर को ठंडा करने के लिए गीले कपड़े से स्पंज करें.
- लू:
- डॉक्टर को तुरंत दिखाएं, देरी जानलेवा हो सकती है.
- डॉक्टर शरीर को जल्दी से ठंडा करने के उपाय करेंगे, जैसे ठंडे तरल पदार्थ देना या शरीर को ठंडे पानी से स्पंज करना.
- गंभीर मामलों में, अस्पताल में भर्ती हो सकती है और नसों के रास्ते तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं.
हीट एग्जॉशन और लू से बचाव के लिए डॉ. कुमार की अतिरिक्त सलाह
- धूप से बचें: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच जितना हो सके सीधी धूप में निकलने से बचें.
- हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें: ये कपड़े पसीने को सोखते हैं और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं.
- तैयार रहें: घर से निकलते समय छाता या टोपी साथ रखें. धूप से बचने के लिए आप धूप का चश्मा भी लगा सकते हैं.
- ठंडे स्थानों पर वक्त बिताएं: वातानुकूलित कमरों में रहें या एयर कूलर का इस्तेमाल करें.
- नियमित रूप से ठंडा तरल पदार्थ पिएं: दिन भर पानी पीते रहें, भले ही आपको प्यास न लगे. मीठे पेय पदार्थों और शराब से बचें.
- नरम भोजन करें: पचाने में आसान भोजन करें, खासकर फल और सब्जियां.
- नज़र रखें: बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि उन्हें लू का खतरा ज्यादा होता है.
गर्मी की तीव्रता को कम आंकना न करें. डॉ. प्रत्यूष कुमार की इन सलाहों को अपनाकर आप गर्मी के मौसम में सुरक्षित और स्वस्थ रह सकते हैं.

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